CJP की दो टूक: वार्ता के लिए तैयार लेकिन सरकार जंतर-मंतर या किसी तटस्थ जगह मिले, प्रधान को देना होगा इस्तीफा

राजनीति

CJP की दो टूक: वार्ता के लिए तैयार लेकिन सरकार जंतर-मंतर या किसी तटस्थ जगह मिले, प्रधान को देना होगा इस्तीफा

23 जुलाई 2026 को 06:32 am बजे
CJP की दो टूक: वार्ता के लिए तैयार लेकिन सरकार जंतर-मंतर या किसी तटस्थ जगह मिले, प्रधान को देना होगा इस्तीफा

CJP की दो टूक: वार्ता के लिए तैयार लेकिन सरकार जंतर-मंतर या किसी तटस्थ जगह मिले, प्रधान को देना होगा इस्तीफा

अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 23 Jul 2026 06:32 AM IST
सार

पार्टी ने प्रदर्शन खत्म करने के लिए तीन शर्तें रखी हैं, जिनमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा शामिल है और कहा कि इन शर्तों पर कोई समझौता नहीं होगा।

दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन में शामिल ब्रजवासी।

विस्तार

जंतर-मंतर पर आंदोलन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने कहा कि वह सरकार के साथ बातचीत के लिए तैयार है। लेकिन यह बातचीत किसी मंत्री के घर या दफ्तर में होने के बजाय जंतर-मंतर या किसी तटस्थ स्थान पर होनी चाहिए। पार्टी ने प्रदर्शन खत्म करने के लिए तीन शर्तें रखी हैं, जिनमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा शामिल है और कहा कि इन शर्तों पर कोई समझौता नहीं होगा। परीक्षा प्रणाली में सुधार और परीक्षा न्याय की मांग को लेकर अनशन कर रहे सोनम वांगचुक से सीजेपी ने भूख हड़ताल समाप्त करने की अपील की है। पार्टी के प्रवक्ताओं का कहना है कि छात्रों के हित में शुरू किया गया यह आंदोलन अपनी जगह जारी रहेगा, लेकिन सोनम सर का स्वस्थ रहना भी उतना ही जरूरी है। 



धरनास्थल पर पत्रकारों को संबोधित करते हुए सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि बुधवार सुबह पुलिस ने उन्हें सूचना दी थी कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा बातचीत करना चाहते हैं और उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को अपने आवास पर बुलाया है। उन्होंने कहा, हमने किसी के घर या दफ्तर जाने से साफ इन्कार कर दिया। जनता की अदालत यहां लगी है, मंत्रियों को जनता के बीच आना चाहिए। अगर सरकार बात करना चाहती है तो बातचीत जंतर-मंतर पर ही होगी। उन्होंने यह भी कहा कि हम पढ़े-लिखे लोग हैं। यदि जंतर-मंतर पर सुरक्षा संबंधी चिंताएं हैं तो हम आसपास किसी तटस्थ जगह पर बात कर सकते हैं। हम हमेशा से बातचीत के पक्षधर रहे हैं और अच्छा होगा यदि यह मुद्दा संवाद से सुलझ जाए।


न बारिश का डर, न दबाव की परवाह अपनी मांगों पर कायम कॉकरोच आंदोलन
सीजेपी समर्थकों का जंतर-मंतर पर बुधवार को भी धरना जारी रहा। रातभर में कई और समर्थक धरनास्थल पर पहुंचे। सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते। सीजेपी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि जंतर-मंतर पर हजारों प्रदर्शनकारी मौजूद हैं। प्रधानमंत्री को देश के युवाओं से ज्यादा प्रधान से क्यों प्यार है। कॉकरोच नाम से पहचाने जा रहे प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर मैदान में डटे हुए हैं। 

  • 32वें दिन इस प्रदर्शन में बुधवार को उस समय नई ऊर्जा देखने को मिली, जब मराठा आंदोलन के नेता मनोज जारांगे पाटिल ने अभिजीत दीपके से मुलाकात कर अपना समर्थन जताया। खराब मौसम भी प्रदर्शनकारियों के इरादों को कमजोर नहीं कर सका। इस दौरान प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए मनोज जरांगे ने कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन की ताकत सबसे बड़ी होती है। 

व्यर्थ की बातों के लिए समय नहीं : दास
दास ने स्पष्ट किया कि प्रदर्शनकारी व्यर्थ की बातों में समय गंवाने के मूड में नहीं हैं। सरकार की नीयत वास्तव में हमारी मांगों को पूरा करने की होनी चाहिए। उन्होंने प्रदर्शन खत्म करने के लिए तीन प्रमुख शर्तें भी रखीं। पहली, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लिया जाए। दूसरी, नीट पेपर लीक के कारण खुदकुशी करने वाले छात्रों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। और तीसरी, शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी गैर-जरूरी एफआईआर वापस ली जाएं और पक्का भरोसा दे कि भविष्य में इस आंदोलन से जुड़े किसी भी प्रदर्शनकारी पर कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी।

सीजेपी प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों से अभद्रता 
सीजेपी के एक प्रदर्शन की कवरेज के दौरान कई पत्रकारों को अभद्रता, धक्का-मुक्की का सामना करना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भीड़ में मौजूद कुछ लोगों ने मीडिया कर्मियों के साथ गाली-गलौज की और उनके काम में बाधा डाली। सोशल मीडिया पर भी कई वीडियो वायरल हैं। पत्रकारों को कैमरा बंद करने और एकतरफा रिपोर्टिंग का दबाव बनाया गया। कई मीडिया कर्मियों के साथ धक्का-मुक्की हुई, जिससे ओवी वैन और कैमरे क्षतिग्रस्त हो गए। पत्रकार संगठनों ने घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग की है।

इंस्टाग्राम हैंडल बैन, कुछ देर बाद अकाउंट रीस्टोर
दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के बीच-बीच से बड़ी खबर सामने आई। बताया गया कि इंस्टाग्राम हैंडल बैन हो गया है। जिसके बाद अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया। लेकिन कुछ देर बाद ही इंस्टाग्राम हैंडल से बैन हट गया और अकाउंट रिस्टोर हो गया।