लाल किले पर 21 तोपों की सलामी की रिहर्सल, VIDEO में देखें नजारा
लाल किले पर 21 तोपों की सलामी की रिहर्सल, VIDEO में देखें नजारा

80वें स्वतंत्रता दिवस की तैयारियां जोरों पर हैं. 15 अगस्त से पहले दिल्ली के लाल किले के पास दंगल पार्क में भारतीय सेना के जवानों ने पारंपरिक 21 तोपों की सलामी का अभ्यास किया.
इस बार लाल किले पर होने वाला स्वतंत्रता दिवस समारोह ‘युवा शक्ति’ पर केंद्रित रहेगा. समारोह में देश के युवाओं, Gen-Z की उपलब्धियों, उम्मीदों और योगदान को दिखाया जाएगा. साथ ही, ‘विकसित भारत 2047’ की दिशा में भारत की प्रगति को भी प्रदर्शित किया जाएगा.
इस साल वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ भी मनाई जा रही है. समारोह में वंदे मातरम् को खास जगह दी जाएगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराएंगे और देश को संबोधित करेंगे.
#WATCH | Delhi: Ahead of the Independence Day celebrations in the national capital, Indian Army personnel rehearse a 21 Gun salute at Dangal Park near the Red Fort. pic.twitter.com/EdKj94DcdX
स्वतंत्रता दिवस समारोह में न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी, अंतरिक्ष और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों को भी विजुअल्स के जरिए दिखाया जाएगा. वहीं, निमंत्रण कार्ड में ‘सेवा तीर्थ’ को प्रमुखता दी गई है, जो जनसेवा और विकसित भारत 2047 के विजन को दर्शाएगा.
यह भी पढ़ें: स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम को लेकर आया राहुल गांधी का सिटिंग प्लान, पहले हो चुका है विवाद
इस साल स्वतंत्रता दिवस समारोह में सरकार ने युवा अचीवर्स पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा. इंटरनेशनल फ़िज़िक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और मैथमैटिक्स ओलंपियाड 2026 में मेडल जीतने वाले 19 छात्रों को सम्मानित किया जाएगा.
खास मेहमानों के तौर पर बुलाए गए अन्य युवा अचीवर्स में युवा इनोवेटर्स, प्रधानमंत्री इंटर्नशिप स्कीम के इंटर्न, स्टार्टअप फाउंडर्स, पीएम कौशल विकास योजना के लाभार्थी, स्टार्टअप इंडिया सीड फंड से मदद पाने वाले स्टार्टअप और MY भारत के वॉलंटियर्स के साथ-साथ सरकार की अलग-अलग योजनाओं के लाभार्थी भी शामिल होने वाले हैं.
हर साल की तरह नेता प्रतिपक्ष को भी आमंत्रित किया जाएगा और बैठने की व्यवस्था पूरी तरह से वरीयता क्रम के आधार पर होगी. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, गणतंत्र दिवस 2025 और 2026 में भी इसी तरह की व्यवस्था की गई थी.
इस साल के समारोह में बैठने की जगहों का नाम भारत की प्रमुख झीलों के नाम पर रखा जाएगा. इसका उद्देश्य जल सरंक्षण की ओर ध्यान आकर्षित करना है.
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें