ट्रेन में क्यों दी जाते हैं 2 चादरें, क्या आप भी दोनों को ओढ़ने की कर रहे हैं गलती? रेलवे मंत्री से जानें इस्तेमाल करने का तरीका

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ट्रेन में क्यों दी जाते हैं 2 चादरें, क्या आप भी दोनों को ओढ़ने की कर रहे हैं गलती? रेलवे मंत्री से जानें इस्तेमाल करने का तरीका

17 अगस्त 2026 को 08:53 am बजे
ट्रेन में क्यों दी जाते हैं 2 चादरें, क्या आप भी दोनों को ओढ़ने की कर रहे हैं गलती? रेलवे मंत्री से जानें इस्तेमाल करने का तरीका
ट्रेन में क्यों दी जाते हैं 2 चादरें, क्या आप भी दोनों को ओढ़ने की कर रहे हैं गलती? रेल मंत्री से जानें इस्तेमाल करने का तरीका
Indian Railways AC Coach : ट्रेन में क्यों दी जाती हैं 2 चादरें? जानें क्या है इसका इस्तेमाल

आपने देखा होगा कि जब आप ट्रेन के AC कोच में सफर करते हैं, तो भारतीय रेलवे की ओर से बेडरोल किट दी जाती है, जिसमें 2 चादरें, कंबल, तकिया जैसी चीजें शामिल होती है. इस किट में 2 चादरें दी जाती हैं, जिसे लेकर अक्सर लोगों के मन में सवाल उठता है कि आखिर 2 चादर क्यों दी गई? क्या दोनों को ही ओढ़ना है? हम में से कई लोग दोनों ही चादर को ओढ़ भी लेते हैं. क्या आप भी अबतक ऐसा करते आ रहे हैं? हाल ही में संसद में राज्यसभा सांसद चंद्रकांत दामोदर हंडोरे ने चादर को लेकर यह सवाल उठाया, जिसपर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्पष्ट जवाब दिया. यहां जानते हैं उनका जवाब और आपके मन में उठे इस सवाल के जवाब-

AC कोच में क्यों दी जाती हैं दो चादरें?

संसद में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जवाब देते हुए कहा कि रेलवे अपने AC यात्रियों को दो चादरे देता है, जिसमें पहली चादर सीट या बर्थ पर बिछाने के लिए होती है, ताकि सीट या फिर गद्दे की गंदगी यात्रियों के सीधे संपर्क में न आए. 

वहीं, दूसरी चादर का इस्तेमाल ओढ़ने के लिए किया जाता है. यानि अगर आप कंबल का इस्तेमाल करते हैं, तो इस चादर के साथ ओढ़ें, ताकि कंबल की गंदगी आपके ऊपर डायरेक्ट न आए. कई यात्री दोनों चादरें ओढ़ लेते हैं, जबकि रेलवे के अनुसार एक बिछाना और एक ओढ़ना ज्यादा स्वच्छ और सुविधाजनक तरीका हो सकता है.

रेलवे बेडरोल किट में क्या-क्या आइटम्स देता है?

अगर आप AC क्लास में टिकट बुक करते हैं, तो आपको बेडरोड किट में कुछ चीजें होती हैं, जैसे-

  • दो चादर
  • तकिया
  • पिलो कवर
  • हैंड टॉवल
  • 1 कंबल

अगर इसमें से कोई भी सामान मिस हो जाए, तो आप रेलवे कर्मचारी से इन आइटम को मांग सकते हैं.

रेलवे लिनन आइटम्स की क्या है तय समय-सीमा?

रेलवे यात्रियों को AC कोच में दी जाने वाली बेडरोल किट की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्रत्येक लिनन आइटम की इस्तेमाल करने की एर निश्चित ड्यूरेशन होती है. राज्यसभा में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी देते हुए बताया कि पिलो कवर और फेस टॉवल की निर्धारित एज 9 महीने, हैंडलूम बेडशीट की 12 महीने, जबकि पॉलिएस्टर बेडशीट, तकिया और ऊनी कंबल की तय समय-सीमा 24 महीने है. जब इन लिनन आइटम्स की अविधइ पूरी हो जाती है, तो इन्हें तुरंत बदल दिया जाता है, ताकि ट्रैवल करने वाले यात्रियों को साफ और बेहतर गुणवत्ता वाला बेडरोल मिल सके.

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