राहु-केतु लाने वाले हैं बड़ी मुसीबत, अभी से संभल जाएं 4 राशियां!
राहु-केतु लाने वाले हैं बड़ी मुसीबत, अभी से संभल जाएं 4 राशियां!

Rahu Ketu : ज्योतिष शास्त्र में राहु और केतु को मायावी और छाया ग्रह माना जाता है, जिनकी चाल का सभी 12 राशियों के जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है.ये दोनों पापी ग्रह करीब 18 महीने में अपनी राशि बदलते हैं.पंचांग के अनुसार, इस साल 5 दिसंबर 2026 को राहु कुंभ राशि से निकलकर मकर राशि में और केतु सिंह राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश करेंगे.
इन दोनों ग्रहों की स्थिति में होने वाले इस बड़े बदलाव या गोचर का मानव जीवन, करियर, आर्थिक स्थिति और सेहत पर गहरा असर पड़ता है., वर्तमान ग्रह स्थिति और आगामी गोचर के प्रभाव से कुछ राशियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, जबकि कुछ राशियों के लिए यह समय बेहद अनुकूल रहने वाला है.आइए जानते हैं कि राहु-केतु के प्रभाव से किन राशियों को संभलकर चलना होगा और किन्हें लाभ मिलेगा.
इन 4 राशियों को रहना होगा सबसे ज्यादा सतर्क ज्योतिषाचार्य के अनुसार, कर्क, सिंह, मकर और कुंभ राशि के जातकों को इस दौरान विशेष रूप से सावधान रहने की आवश्यकता है:
कर्क राशि: मानसिक तनाव और स्वास्थ्य संबंधी छोटी-मोटी परेशानियां उभर सकती हैं.कार्यक्षेत्र में विरोधियों से संभलकर रहें . सोच-समझकर ही कोई निर्णय लें.
सिंह राशि: आर्थिक मामलों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.बिना सोचे-समझे निवेश करने से बचें. पारिवारिक जीवन में वाद-विवाद से दूरी बनाए रखें.
मकर राशि: करियर और व्यापार में अचानक बाधाएं आ सकती हैं.नौकरीपेशा लोगों को अपने सहकर्मियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तालमेल बिठाकर चलने की जरूरत है.
कुंभ राशि: खर्चों में अचानक बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे बजट बिगड़ सकता है.गुप्त शत्रुओं से सावधान रहें. कागजी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करते वक्त पूरी सावधानी बरतें.
बाकी राशियों के लिए कैसा रहेगा समय? इन चार राशियों के अलावा मेष, वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला, वृश्चिक, धनु और मीन राशि के जातकों के लिए यह अवधि मिली-जुली से लेकर सकारात्मक परिणाम देने वाली साबित हो सकती है.इन राशियों के जातकों को अपनी मेहनत के अनुसार करियर में तरक्की, नए व्यावसायिक अवसर और आर्थिक मामलों में राहत मिलने की पूरी संभावना है.
राहु-केतु के अशुभ प्रभावों से बचने के सरल उपाय नियमित रूप से भगवान शिव की आराधना करें. शिवलिंग पर जल अर्पित करें.शनिवार के दिन काले तिल, उड़द की दाल या छाता का दान करने से राहु-केतु का अशुभ प्रभाव कम होता है. पक्षियों को दाना डालें. कुत्तों को रोटी खिलाएं.
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