इंडोनेशिया में 7.7 तीव्रता का भूकंप, 2 मौतें... सुनामी का अलर्ट भी
इंडोनेशिया में 7.7 तीव्रता का भूकंप, 2 मौतें... सुनामी का अलर्ट भी

इंडोनेशिया के तट के पास शनिवार तड़के 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया. भूकंप के बाद सुनामी की आशंका जताते हुए चेतावनी जारी कर दी गई. भूकंप के बाद कई आफ्टरशॉक्स भी महसूस किए गए.
शहर की बचाव एजेंसी के प्रमुख फथुर रहमान ने बताया कि मौमेरे बंदरगाह शहर और उसके आस-पास बचाव कर्मियों को 38 शव मिले हैं. छह घायलों को भी बाहर निकाला गया, उनका इलाज जारी है. जबकि दो लोग मलबे में दबे हुए मिले.
यूरोपियन-मेडिटेरेनियन सिस्मोलॉजिकल सेंटर यानी EMSC के मुताबिक भूकंप का केंद्र समुद्र के अंदर था और इसकी गहराई करीब 35 किलोमीटर थी.
EMSC के अनुसार यह भूकंप स्थानीय समय के हिसाब से सुबह करीब 4:58 बजे रिकॉर्ड किया गया. मुख्य भूकंप के बाद कम से कम तीन आफ्टरशॉक यानी बाद के झटके भी दर्ज किए गए हैं. इससे साफ है कि धरती के अंदर हलचल अभी थमी नहीं है और आने वाले समय में और झटके महसूस किए जा सकते हैं.
इंडोनेशिया की मौसम और भूभौतिकी एजेंसी BMKG ने इस समुद्री भूकंप के बाद देश के कुछ इलाकों के लिए तुरंत सुनामी की चेतावनी जारी कर दी. एजेंसी की टीमें अब हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं. साथ ही यह भी आकलन किया जा रहा है कि भूकंप और उसके बाद आए झटकों का असर किन इलाकों पर सबसे ज्यादा पड़ सकता है.
VIDEO | Sikka: Residents flee to higher ground after a powerful 7.7 magnitude earthquake struck off the coast of Indonesia Saturday morning. (Source: AFP/PTI) (Full video available on PTI Videos - https://t.co/d8jp61yd2p) pic.twitter.com/o9vXHtIfPR
वहीं दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलिया की सुनामी चेतावनी एजेंसी ने साफ किया है कि इस भूकंप से ऑस्ट्रेलिया की मुख्य भूमि, वहां के द्वीपों या अन्य क्षेत्रों को कोई सुनामी खतरा नहीं है. यानी ऑस्ट्रेलिया में फिलहाल राहत की स्थिति बनी हुई है.
यह भी पढ़ें: कोलंबिया में भूकंप से मरने वालों की संख्या 254 पार, देखें दुनिया आजतक
भूकंप समुद्र के अंदर आया था इसलिए इंडोनेशिया में इसका जमीन पर क्या असर हुआ, यह अभी साफ नहीं हो पाया है. जान माल के नुकसान या किसी तरह के नुकसान की जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है. अधिकारी स्थिति पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं और आगे की जानकारी का इंतजार किया जा रहा है.
इंडोनेशिया भूकंप और ज्वालामुखी गतिविधियों के प्रति संवेदनशील है. ऐसा इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह प्रशांत बेरिन में ज्वालामुखियों और फॉल्ट लाइनों की एक चाप यानी 'रिंग ऑफ फायर' पर स्थित है.
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें