मंगल की एक तस्वीर... और शुरू हो गई एलियन सिविलाइजेशन की चर्चा

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मंगल की एक तस्वीर... और शुरू हो गई एलियन सिविलाइजेशन की चर्चा

13 अगस्त 2026 को 08:35 am बजे
मंगल की एक तस्वीर... और शुरू हो गई एलियन सिविलाइजेशन की चर्चा

क्या मंगल ग्रह पर कभी कोई सभ्यता थी? नासा के क्यूरियोसिटी रोवर (Curiosity Rover) की एक नई तस्वीर सामने आने के बाद यह सवाल फिर चर्चा में है. जुलाई 2026 के आखिर में रोवर ने मंगल के माउंट शार्प (Mount Sharp) इलाके की कई तस्वीरें ली थीं. बाद में इन तस्वीरों को जोड़कर एक बड़ी तस्वीर बनाई गई. इसमें चट्टान के बीच एक गहरे रंग की आकृति दिखी, जो कुछ लोगों को दरवाजे जैसी लगी. इसके बाद सोशल मीडिया पर एलियन सभ्यता को लेकर तरह-तरह के दावे होने लगे. हालांकि, नासा ने अभी तक ऐसे किसी दावे की पुष्टि नहीं की है.

क्यूरियोसिटी रोवर साल 2012 से मंगल के गेल क्रेटर (Gale Crater) में काम कर रहा है. इसका मकसद यह पता लगाना है कि क्या अरबों साल पहले मंगल पर ऐसा माहौल था, जहां छोटे-छोटे जीव रह सकते थे. इसी मिशन के दौरान रोवर माउंट शार्प की चट्टानों और मिट्टी का अध्ययन कर रहा है. नई तस्वीर भी इसी दौरान ली गई.

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रोवर जिस जगह की जांच कर रहा था, वहां की चट्टानों की परतों का अध्ययन किया जा रहा है. इन परतों से वैज्ञानिक यह समझने की कोशिश करते हैं कि बहुत पहले मंगल पर हवा और पानी कैसे बहते थे. बाद में जब सभी तस्वीरों को जोड़कर देखा गया, तो एक जगह दरवाजे जैसी आकृति नजर आई. इसके बाद यह तस्वीर तेजी से वायरल हो गई.

यूएफओ से जुड़े दावे करने वाले स्कॉट सी. वारिंग ने कहा कि तस्वीर में दिख रही आकृति किसी दरवाजे जैसी लगती है. उनका दावा है कि यह करीब 6.6 फीट ऊंची और 3.3 फीट चौड़ी हो सकती है. लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि उन्होंने यह माप कैसे निकाला. सिर्फ तस्वीर देखकर किसी चीज का सही आकार बताना संभव नहीं होता.

नासा का कहना है कि अभी तक मंगल पर एलियन या किसी पुरानी सभ्यता का कोई पक्का सबूत नहीं मिला है. वैज्ञानिकों का मानना है कि यह आकृति चट्टानों के टूटने, दरार पड़ने और लंबे समय तक हुए कटाव की वजह से बनी हो सकती है. ऐसी आकृतियां धरती पर भी कई जगह देखने को मिलती हैं.

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साल 2022 में भी क्यूरियोसिटी रोवर की एक तस्वीर में दरवाजे जैसी आकृति दिखी थी.  बाद में जांच में पता चला कि वह सिर्फ करीब 12 इंच ऊंचा और 16 इंच चौड़ा एक छोटा सा प्राकृतिक छेद था. वैज्ञानिकों ने बताया था कि चट्टानों में दरार पड़ने और उनके टूटने से ऐसी आकृतियां बन जाती हैं.

वैज्ञानिक इसे पैरेडोलिया (Pareidolia) कहते हैं. यानी हमारा दिमाग कभी-कभी किसी साधारण आकृति में भी चेहरा, दरवाजा या दूसरी जानी-पहचानी चीजें देखने लगता है. फिलहाल नई तस्वीर में भी ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है, जिससे यह कहा जा सके कि मंगल पर किसी एलियन सभ्यता के निशान मिले हैं. अभी इसे सिर्फ एक प्राकृतिक चट्टानी आकृति माना जा रहा है.

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