'बार-बार पानी भर रहा, परमानेंट समाधान हो', शाह ने किसे लिखी चिट्ठी?

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'बार-बार पानी भर रहा, परमानेंट समाधान हो', शाह ने किसे लिखी चिट्ठी?

14 अगस्त 2026 को 09:02 am बजे
'बार-बार पानी भर रहा, परमानेंट समाधान हो', शाह ने किसे लिखी चिट्ठी?

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने संसदीय क्षेत्र गांधीनगर के तहत आने वाले अहमदाबाद के इलाकों में जलभराव की समस्या पर चिंता जताई है. उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, अहमदाबाद के महापौर और नगर निगम आयुक्त को पत्र लिखकर इसका स्थायी और सुनियोजित समाधान करने का आग्रह किया है.

केंद्रीय गृह मंत्री कार्यालय की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, अमित शाह ने अहमदाबाद के नए शहरी इलाके- बोपाल, अंबली, घुमा और शेला में भारी बारिश के बाद पैदा होने वाली जलभराव की समस्या को गंभीरता से लिया है.

अमित शाह के संसदीय क्षेत्र गांधीनगर के तमाम इलाकों में बारिश में जलभराव से लोग जूझ रहे हैं. इसलिए अमित शाह ने सीएम के साथ नगर निगम के मेयर और  नगर निगम आयुक्त को पत्र लिखकर बार-बार होने वाले जलभराव की समस्या से निपटने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा है.

अहमदाबाद में भारी बारिश के बाद जलभराव की समस्या सामने आई. हाल में हुई बारिश के दौरान करीब 18 इंच पानी बरसा था. भारी बारिश के कारण अंबली-बोपाल-घुमा-शेला इलाके में जलभराव हो गया, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा.

बता दें कि इन सभी इलाकों को साल  2021 में अहमदाबाद नगर निगम (AMC) की सीमा में शामिल किया गया था. भौगोलिक स्थिति और पुरानी जल निकासी व्यवस्था बेहतर न होने के कारण भारी बारिश के दौरान यहां पानी भरने की समस्या बार-बार सामने आती है. इसी को ध्यान में रखते हुए अमित शाह ने राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन से इसके स्थायी समाधान की मांग की है

विज्ञप्ति के मुताबिक, अमित शाह के निर्देश पर अहमदाबाद नगर निगम ने पूरे इलाके का सर्वेक्षण कराया और क्षेत्रवार वर्षाजल निकासी का मास्टर प्लान तैयार किया. इसके तहत उन इलाकों में जल निकासी व्यवस्था स्थापित करने की योजना बनाई गई, जहां फिलहाल ऐसी सुविधा उपलब्ध नहीं है.

अहमदाबाद नगर निगम ने इस पूरे इलाके का हाइड्रोलॉजिकल सर्वे कराया और ज़ोन-वार स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज मास्टर प्लान तैयार किया है. अहमदाबाद नगर निगम ने भी बताया कि इसके अलावा जलभराव वाले स्थानों की पहचान कर वहां जरूरी उपाय किए जाएंगे.

नया ड्रेनेज नेटवर्क- जिन इलाकों में जल निकासी का बुनियादी ढांचा नहीं है, वहां नया स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज नेटवर्क बनाया जाएगा.

जलवर्षा पाइपलाइन- बारिश के पानी की तेजी से निकासी के लिए आपस में जुड़ी नालियों, नई पाइपलाइनों और निकास मार्गों की व्यवस्था की जाएगी.

दीर्घकालिक उपाय- बढ़ते शहरीकरण को देखते हुए गोटा-गोधावी नहर और साबरमती नदी के किनारे ड्रेनेज सिस्टम को जोड़ने की योजना शामिल की गई है.

विभाग के अनुसार, अमित शाह के निर्देशों पर एएमसी द्वारा की जा रही इस नियोजित और समयबद्ध कार्रवाई से आने वाले वर्षों में बोपाल, अंबली, घुमा और शेला के निवासियों को जलभराव की समस्या से स्थायी राहत मिलेगी.

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