महाराष्ट्र का अनोखा हिल स्टेशन, जहां गाड़ियों की है नो एंट्री!
महाराष्ट्र का अनोखा हिल स्टेशन, जहां गाड़ियों की है नो एंट्री!

Maharashtra Hill Station: अगर आप ऐसी जगह घूमने का प्लान बना रहे हैं जहां ट्रैफिक का शोर, गाड़ियों की भीड़ और हॉर्न की आवाज बिल्कुल न सुनाई दे तो महाराष्ट्र का माथेरान (Matheran) आपके लिए खास जगह हो सकती है. सह्याद्रि की पहाड़ियों के बीच बसा यह खूबसूरत हिल स्टेशन अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के साथ-साथ एक और वजह से खास है. यहां मोटर गाड़ियों की एंट्री पर रोक है.
यानी माथेरान पहुंचने के बाद आपको कार या बाइक के बजाय पैदल, घोड़े या हाथ से खींचे जाने वाले रिक्शे से सफर करना पड़ता है. यही वजह है कि यहां की हवा काफी शांत और सुकून भरी महसूस होती है. लाल मिट्टी से बने रास्ते, घने जंगल, पुराने ब्रिटिश दौर के मकान और पहाड़ों के खूबसूरत नजारे माथेरान की यात्रा को यादगार बना देते हैं.
माथेरान में लोग घूमते कैसे हैं? माथेरान को घूमने का सबसे अच्छा तरीका पैदल चलना है. यहां कई खूबसूरत रास्ते जंगलों के बीच से होकर गुजरते हैं. ज्यादातर प्रमुख व्यू पॉइंट बाजार इलाके से कुछ किलोमीटर की दूरी पर हैं. आरामदायक जूते पहनकर और पानी की बोतल साथ रखकर आप इन रास्तों पर आसानी से घूम सकते हैं.
अगर ज्यादा पैदल नहीं चलना चाहते तो घोड़े की सवारी भी कर सकते हैं. माथेरान में घोड़े लंबे समय से आने-जाने का एक पारंपरिक साधन रहे हैं. इसके अलावा यहां हाथ से खींचे जाने वाले रिक्शे भी मिलते हैं. बुजुर्गों या ज्यादा चलने में परेशानी वाले लोगों के लिए यह विकल्प सुविधाजनक हो सकता है.
टॉय ट्रेन का सफर भी है खास माथेरान जाने का एक खूबसूरत तरीका टॉय ट्रेन की सवारी है. अमन लॉज से माथेरान के बीच चलने वाली यह छोटी ट्रेन पहाड़ी रास्तों और हरियाली के बीच से गुजरती है. लगभग 20 मिनट का यह सफर भले ही छोटा हो लेकिन इसका अनुभव काफी खास होता है.
माथेरान हिल रेलवे का इतिहास भी काफी पुराना है. इसे 1907 में बनाया गया था और इसका उद्देश्य नरेल से हिल स्टेशन तक पहुंच आसान बनाना था. आज यह माथेरान की पहचान का अहम हिस्सा है.
माथेरान पहुंचें कैसे? माथेरान पहुंचने के लिए सबसे पहले ट्रेन से नरेल पहुंचा जा सकता है. नरेल मुंबई-पुणे रेल मार्ग पर स्थित है और यहां से माथेरान के लिए आगे का सफर किया जा सकता है.
अगर आप सड़क से जा रहे हैं तो दास्तूरी पॉइंट तक अपनी कार या टैक्सी से पहुंच सकते हैं. इसके आगे निजी मोटर गाड़ियों की एंट्री नहीं है. दास्तूरी पॉइंट से माथेरान लगभग 2.5 किलोमीटर दूर है. यहां से आप पैदल जा सकते हैं या घोड़े और हाथ से खींचे जाने वाले रिक्शे ले सकते हैं.
माथेरान किस मौसम में जाना चाहिए? माथेरान घूमने के लिए अक्टूबर से मई तक का समय अच्छा माना जाता है. इस दौरान मौसम सुहावना रहता है और घूमने में ज्यादा परेशानी नहीं होती. हालांकि, बारिश के मौसम में माथेरान की खूबसूरती अलग ही नजर आती है. जून से सितंबर के बीच पहाड़ हरियाली से ढक जाते हैं, झरने दिखाई देने लगते हैं और चारों तरफ धुंध छा जाती है. लेकिन इस दौरान रास्ते फिसलन भरे हो सकते हैं और तेज बारिश के कारण कुछ रास्तों पर परेशानी भी हो सकती है.
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