ECG नॉर्मल है तो दिल की बीमारी नहीं है? जानें डॉक्टर की राय

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ECG नॉर्मल है तो दिल की बीमारी नहीं है? जानें डॉक्टर की राय

11 अगस्त 2026 को 09:44 am बजे
ECG नॉर्मल है तो दिल की बीमारी नहीं है? जानें डॉक्टर की राय

ECG हार्ट का एक आसान टेस्ट है, जो दिल की धड़कनों से जुड़ी जानकारी देता है. कई लोग हार्ट की जांच के लिए कुछ महीनों में इस टेस्ट को करा लेते हैं. दिल की जांच के लिए डॉक्टर भी इस टेस्ट को करते ही हैं, जिन लोगों की ईसीजी रिपोर्ट नॉर्मल आती है तो वह मान लेते हैं कि दिल की कोई बीमारी नहीं है. लेकिन क्या वाकई ऐसा है. इस बारे में डॉक्टरों से जानते हैं.

कार्डियोलॉजिस्ट के मुताबिक, नॉर्मल ECG का मतलब यह नहीं है कि हार्ट की कोई बीमारी नहीं है .ECG मुख्य रूप से दिल की इलेक्ट्रिक एक्टिविटी और उसकी धड़कनों से जुड़ी जानकारी देता है, लेकिन यह  ये नहीं बता सकता है कि हार्ट में ब्लॉकेज है या नहीं. कई मामलों में नॉर्मल ECG के बाद भी हो सकता है हार्ट में ब्लॉकेज और कोरोनरी हार्ट डिजीज हो सकती हैं.

मेदांता मूलचंद हार्ट सेंटर में कार्डियोलॉजी विभाग में प्रोफेसर डॉ. तरुण कुमार ने इस बारे में आजतक. इन को बताया है. वह कहते हैं कि कई मामलों में शुरुआती ब्लॉकेज के बावजूद आराम की स्थिति में किया गया ECG सामान्य आ सकता है. खासकर तब, जब उस समय हार्ट को पर्याप्त ब्लड सप्लाई मिल रही हो, इसलिए केवल ECG की रिपोर्ट नॉर्मल देखकर हम यह नहीं मानते हैं कि व्यक्ति को दिल की कोई बीमारी नहीं है,

हां, ये जरूर है कि दिल की जांच के लिए अधिकतर मरीजों में पहले ईसीजी किया जाता है. अगर ये नॉर्मल आया है तो तुरंत सभी टेस्ट नहीं किए जाते हैं. फिर देखा जाता है कि व्यक्ति में हार्ट की बीमारी के दूसरे लक्षण तो नहीं है. अगर कोई दूसरे लक्षण नहीं है तो फिर तुरंत ही बड़े टेस्ट नहीं किए जाते हैं. पहले देखा जाता है कि व्यक्ति का बीपी कितना है. डायबिटीज, स्मोकिंग की आदत है या नहीं और लिपिड प्रोफाइल से लेकर ApoB, वजन भी देखा जाता है.

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डॉ तरुण बताते हैं कि अगर व्यक्ति का बीपी अधिक है, स्मोकिंग करता है, परिवार में हार्ट की बीमारी की हिस्ट्री है, वजन बढ़ा हुआ है और अकसर सांस फूलने की समस्या रहती है, छाती में दर्द बना हुआ है तो फिर ईसीजी नॉर्मल होने के बाद भी कुछ टेस्ट किए जा सकते हैं. इनमें स्ट्रेस टेस्ट, 2 डी इको, एंजियोग्राफी की जा सकती है. इनमें कौन-सी जांच जरूरी है, यह व्यक्ति के लक्षण और उसके रिस्क के आधार पर तय किया जाता है.

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अगर किसी व्यक्ति को बार-बार सीने में दबाव या दर्द, चलने पर सांस फूलना, थकान या ऐसे लक्षण महसूस होते हैं जो हार्ट की बीमारी की तरफ इशारा करते हैं, तो सिर्फ नॉर्मल ECG के आधार पर यह नहीं सोचना चाहिए की कोई बीमारी नहीं है. सबसे जरूरी बात यह है कि ECG हार्ट की जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन यह अकेले कोरोनरी आर्टरीज की स्थिति नहीं बताता है. ऐसे में सभी लोगों को सलाह है कि अगर उनको हार्ट अटैक के लक्षण दिख रहे हैं और ईसीजी नॉर्मल है तो भी डॉक्टर की सलाह पर बाकी टेस्ट भी करा लें.

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