हमसे सब छ‍िन जाएगा... JSSC-CGL रद्द होने पर रोने लगे पास अभ्यर्थी

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हमसे सब छ‍िन जाएगा... JSSC-CGL रद्द होने पर रोने लगे पास अभ्यर्थी

18 अगस्त 2026 को 09:56 am बजे
हमसे सब छ‍िन जाएगा... JSSC-CGL रद्द होने पर रोने लगे पास अभ्यर्थी

झारखंड में 24 दिनों से चल रहे छात्र आंदोलन के बीच सोमवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया. कैबिनेट की विशेष बैठक के बाद JSSC-CGL परीक्षा और TDPL एजेंसी से जुड़ी सभी परीक्षाओं-रिजल्ट-नियुक्तियों को रद्द करने का ऐलान किया गया. लेकिन इस फैसले ने एक नया मोर्चा खोल दिया है.

जिन अभ्यर्थियों ने JSSC-CGL परीक्षा पास कर ली थी और कुछ ने नौकरी भी पा ली थी, वे अब रांची के प्रोजेक्ट भवन के बाहर विरोध प्रदर्शन पर उतर आए हैं. वे कह रहे हैं कि उन्हें निष्पक्ष प्रक्रिया से चयनित किया गया था, इसलिए पूरी परीक्षा रद्द करने के बजाय जांच कर गड़बड़ी वाले मामलों को ही हटाया जाए.

प्रोजेक्ट भवन के बाहर जमा हुए अभ्यर्थियों में से एक ने ANI से कहा कि जब हम एक निष्पक्ष प्रक्रिया के जरिए शामिल हुए थे तो फिर ऐसा कदम क्यों उठाया जा रहा है? हमारा कहना है कि आप जांच करवाइए. जांच में जो गड़बड़ मिलेगा, उसे हटाइए न, हम लोग आपसे सहमत हैं. हम आपका समर्थन कर रहे हैं. वहीं दूसरे अभ्यर्थी ने कहा, 'सरकार के फैसले के बाद मैं सड़क पर आ गया हूं.'  ये अभ्यर्थी दावा कर रहे हैं कि उनके चयन में कोई गड़बड़ी नहीं थी. वे सरकार से अपील कर रहे हैं कि पूरी परीक्षा रद्द करने के बजाय दोषियों को चिन्हित कर कार्रवाई की जाए, ताकि मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों का भविष्य बर्बाद न हो.

JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच के नेतृत्व में जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पर बैठे छात्र इस फैसले को अपनी बड़ी जीत मान रहे हैं. JSSC-CGL रद्द होना उनकी मुख्य मांगों में शामिल था. छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने अनशन तोड़ दिया है. लेकिन मंच के प्रतिनिधि साफ कह रहे हैं कि CBI जांच की मांग अभी भी बाकी है, इसलिए आंदोलन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है.

झारखंड की राजधानी रांची में JSSC-CGL परीक्षा पास कर चुके अभ्यर्थियों ने परीक्षा रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले के खिलाफ प्रोजेक्ट भवन के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया। परीक्षा पास करने वाले एक उम्मीदवार ने कहा, "सरकार के फैसले के बाद में सड़क पर आ गया हूं।"#JSSCCGL #Jharkhand… pic.twitter.com/AnWqC7vIiJ

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि TDPL से जुड़ी हर गतिविधि जैसे परीक्षा, रिजल्ट, चयन सब रद्द. 2014 से हुई सभी गड़बड़ियों की CID जांच होगी और परीक्षा सुधार के लिए कमेटी भी बनेगी.

#WATCH रांची, झारखंड। सरकार के परीक्षा रद्द करने के फैसले के विरोध में प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों में से एक का कहना है कि, "जब हम एक निष्पक्ष प्रक्रिया के जरिए शामिल हुए थे तो फिर ऐसा कदम क्यों उठाया जा रहा है? हमारा कहना है कि आप जांच करवाइए। जांच में जो गड़बड़ मिलेगा, उसे… pic.twitter.com/GrprwQuzbn

ऐसे में एक तरफ वे छात्र हैं जो महीनों से धरने पर बैठे थे और कह रहे थे कि सिस्टम में घोटाला है. दूसरी तरफ वे अभ्यर्थी हैं जिन्होंने परीक्षा पास कर नौकरी पा ली थी और अब अचानक सब कुछ छिन जाने का डर सता रहा है. रांची की सड़कों पर आज दोनों तरफ के युवा दिख रहे हैं.

झारखंड का भर्ती विवाद अब सिर्फ परीक्षा रद्द करने तक सीमित नहीं रह गया है. यह सवाल उठ रहा है कि निष्पक्ष अभ्यर्थियों को कैसे बचाया जाए और दोषियों को कैसे दंडित किया जाए, बिना पूरे सिस्टम को फिर से शुरू किए.

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