और कितना जलील होगा पाकिस्तान! 'ट्रॉफी चोर' के नारों से गूंजा स्टेडियम

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और कितना जलील होगा पाकिस्तान! 'ट्रॉफी चोर' के नारों से गूंजा स्टेडियम

14 सितंबर 2026 को 09:55 am बजे
और कितना जलील होगा पाकिस्तान! 'ट्रॉफी चोर' के नारों से गूंजा स्टेडियम

रविवार (13 सितंबर) दुबई के दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में भारत ने श्रीलंका को 72 रनों से हराकर रिकॉर्ड आठवीं बार विमेंस एशिया कप का खिताब अपने नाम किया. भारतीय टीम की जीत के बाद पुरस्कार समारोह के दौरान ऐसा घटनाक्रम हुआ, जिसने पिछले साल के विवाद की यादें ताजा कर दीं.

फाइनल खत्म होने के बाद एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन मोहसिन नकवी प्रेजेंटेशन स्टेज पर मौजूद थे. हालांकि, भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर और उनकी टीम नकवी से ट्रॉफी लेने के लिए मंच पर नहीं आई. नकवी ने श्रीलंका की कप्तान चमारी अटापट्टू को रनरअप चेक सौंपा और इसके बाद स्टेडियम से निकल गए.यह भी पढ़ें: पहले सूर्या, अब हरमनप्रीत... नकवी के सामने नहीं झुका BCCI, फिर रिपीट हुई वही कहानी

पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी जब दुबई इंटरनेशन क्रिकेट स्टेडियम से बाहर निकल रहे थे, तभी दर्शकों की तरफ से 'ट्रॉफी चोर, ट्रॉफी चोर' के नारे सुनाई दिए. यह वही नारा है, जो 2025 के मेन्स एशिया कप फाइनल के बाद हुए ट्रॉफी विवाद के दौरान नकवी को लेकर चर्चा में आया था.

पिछले साल दुबई में भारत ने पाकिस्तान को हराकर एशिया कप जीता था. उस मुकाबले के बाद पुरस्कार समारोह में एक घंटे से ज्यादा की देरी हुई थी. भारतीय टीम ने नकवी से ट्रॉफी नहीं थी, जिसके बाद एसीसी चेयरमैन ट्रॉफी लेकर फुर्र हो गए थे. वो ट्रॉफी अब भी दुबई स्थित एसीसी के मुख्यालय में रखी है. उस ट्रॉफी विवाद के बाद सोशल मीडिया पर 'ट्रॉफी चोर' का नारा काफी चर्चित हुआ था और पाकिस्तान की जमकर फजीहत हुई.

Fans chanted “Trophy Chor, Trophy Chor” when they saw Mohsin Naqvi leaving the stadium.😭🙏 pic.twitter.com/XljKlQLVHB

महिला एशिया कप के फाइनल में भी ट्रॉफी प्रेजेंटेशन विवादों में आ गया. भारत ने खिताब जीत लिया, लेकिन टीम ने नकवी के हाथों से ट्रॉफी लेने से इनकार किया. BCCI (भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड) सचिव देवजीत सैकिया ने इस विवाद पर भारत का पक्ष रखा. उन्होंने कहा कि महिला टीम ने पिछले साल पुरुष टीम के फैसले के प्रति एकजुटता दिखाई है और मौजूदा परिस्थितियों में बीसीसीआई अपना रुख नहीं बदल सकता.

नकवी संग क्यों दिखे BCCI के अधिकारी? मोहसिन नकवी मैच के दौरान बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला और देवजीत सैकिया के साथ रॉयल बॉक्स में नजर आए थे. इसके बाद सवाल उठे कि जब ट्रॉफी लेने से इनकार किया गया तो मैच के दौरान अधिकारियों की नकवी से बातचीत क्यों हुई. देवजीत सैकिया ने इसे सामान्य प्रोटोकॉल बताया. उन्होंने कहा कि मैच के दौरान रॉयल बॉक्स में मौजूद लोगों का एक-दूसरे से मिलना और बातचीत करना सामान्य परंपरा है. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बातचीत का ट्रॉफी प्रेजेंटेशन के फैसले से कोई संबंध नहीं था.

देवजीत सैकिया ने यह भी बताया कि ट्रॉफी प्रेजेंटेशन की स्थिति को सुलझाने की कोशिश की गई थी, लेकिन बात नहीं बन सकी. हालांकि, उन्होंने कहा कि बीसीसीआई को अपने फैसले पर कोई पछतावा नहीं है.उनके मुताबिक भारत की प्राथमिकता ट्रॉफी किसके हाथों से मिले, यह नहीं थी. सबसे अहम लक्ष्य महिला टीम का एशिया कप जीतना था और टीम ने वो टारगेट हासिल कर लिया.

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