वोटर लिस्ट से नाम कटने पर भड़के राघव चड्ढा, 'आप' का भी पलटवार

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वोटर लिस्ट से नाम कटने पर भड़के राघव चड्ढा, 'आप' का भी पलटवार

03 सितंबर 2026 को 07:21 am बजे
वोटर लिस्ट से नाम कटने पर भड़के राघव चड्ढा, 'आप' का भी पलटवार

चुनाव आयोग के चलाए जा रहे SIR अभियान के तहत पंजाब की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का नाम ही काट दिया गया है. ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने को लेकर राघव चड्ढा की प्रतिक्रिया भी सामने आई है. उन्होंने इसे 'राजनीतिक बदले की भावना' से की गई कार्रवाई करार दिया है.

चुनाव आयोग की ओर से 13 अगस्त 2026 को जारी की गई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में राघव चड्ढा के नाम के आगे 'स्थायी रूप से स्थानांतरित' (Permanently Shifted) दर्ज किया गया है. उनका नाम अब राज्य की 'अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लिकेट' (ASDD) लिस्ट में शामिल है.

SIR के तहत पंजाब में अब तक कुल 20.66 लाख मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा चुके हैं. ये संख्या राज्य के पुनरीक्षण से पहले के कुल मतदाताओं का लगभग 9.7 प्रतिशत है. राघव चड्ढा भी इन्हीं हटाए गए नामों में से एक हैं.

मोहाली से रजिस्टर्ड अपने वोटर आईडी का जिक्र करते हुए राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी नीत पंजाब सरकार पर राज्य के प्रशासनिक तंत्र और पुलिस का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है. उन्होंने प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि ये कोई लिपिकीय त्रुटि नहीं है.

राघव चड्ढा ने कहा, 'मुझे स्थानांतरित के रूप में किसने मार्क किया? पंजाब सरकार के एक अधिकारी ने. उस कैटिगिरी का वेरिफिकेशन किसने किया? फिर से पंजाब सरकार के अधिकारी ने. इसे उच्च स्तर पर किसने संसाधित किया? एक बार फिर पंजाब सरकार के ही अधिकारी ने.'

उन्होंने कहा कि जमीन पर तैनात BLO से लेकर CEO तक, इस पूरी प्रक्रिया में पंजाब सरकार के कर्मचारी और अधिकारी ही शामिल हैं. अधिकारियों को पता है कि चुनावी ड्यूटी खत्म होने के बाद उनके तबादले, पोस्टिंग और करियर पर राज्य सरकार का ही कंट्रोल रहता है. इसी प्रशासनिक दबाव के जरिए सरकार राजनीतिक बदला ले रही है.

राघव चड्ढा ने आरोप लगाया कि जब से उन्होंने और बाकी नेताओं ने आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी की सदस्यता ली है, तब से आप नेतृत्व बौखलाया हुआ है. उन्होंने कहा कि जो लोग शांत रहने को तैयार नहीं हैं, उनके खिलाफ पंजाब पुलिस और प्रशासनिक तंत्र को ढाल की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है. दूसरे पूर्व आप सांसदों और नेताओं को भी इसी तरह निशाना बनाया जा रहा है.

चुनाव आयोग की गाइडलाइंस का हवाला देते हुए सांसद ने कहा कि ये कदम आयोग के नियमों का खुला उल्लंघन है. SIR के विस्तृत दिशानिर्देशों के पैरा 4(d) के तहत जनप्रतिनिधियों- जैसे न्यायाधीशों, सांसदों और विधायकों के लिए एक 'संरक्षित सूची' का प्रावधान है.

गाइडलाइंस के मुताबिक, अगर किसी जनप्रतिनिधि का नाम डेटाबेस में फ्लैग भी किया जाता है, तो भी उसे ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल रखा जाना अनिवार्य है, ताकि 'दावों और आपत्तियों' की अवधि के दौरान जरूरी दस्तावेज जमा किए जा सकें. चड्ढा का कहना है कि एक वर्तमान सांसद होने के बावजूद उनके मामले में इन निर्देशों का जानबूझकर उल्लंघन किया गया.

राघव चड्ढा ने बताया कि ये सिर्फ ड्राफ्ट लिस्ट है, अंतिम मतदाता सूची नहीं. फाइनल वोटर लिस्ट अक्टूबर 2026 में जारी की जाएगी. उन्होंने बताया कि वो SIR के नियमों के तहत 'दावे और आपत्तियां' प्रक्रिया के जरिए अपना नाम सुधरवाने की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी भले ही पंजाब में सरकार चला रही हो, लेकिन पंजाब की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट उसकी निजी संपत्ति नहीं है.

यह भी पढ़ें: पंजाब में मिलेगा बिग रोल? राघव चड्ढा की PM मोदी से मुलाकात पर होने लगी चर्चा

आम आदमी पार्टी ने भी किया पलटवार  वहीं आम आदमी पार्टी ने भी राघव चड्ढा के आरोपों पर करारा जवाब दिया है. पार्टी ने एक राष्ट्रीय अंग्रेजी समाचार पत्र की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा है कि राघव चड्ढा खुद दिल्ली में बैकडेट से अपना वोटर रजिस्ट्रेशन कराने की कोशिश में हैं और अब अपनी नाकामी का ठीकरा पंजाब सरकार और आप पर फोड़ रहे हैं.

'चुनाव आयोग कराता है SIR, राज्य सरकार की कोई भूमिका नहीं'

आम आदमी पार्टी ने बताया कि SIR का काम पूरी तरह से ECI कराता है. इसमें राज्य सरकार का कोई दखल नहीं होता. पार्टी ने कहा कि मतदाता सूची में किसका नाम शामिल करना है और किसका हटाना है, ये तय करने में पंजाब सरकार की कोई भूमिका नहीं है.

आप ने कहा, 'ये पब्लिक रिकॉर्ड की बात है कि राघव चड्ढा दिल्ली में रह रहे हैं, पंजाब में नहीं. जब वो पंजाब में नहीं रह रहे हैं, तो अपना वोटर रजिस्ट्रेशन बनाए रखना या उसे ट्रांसफर कराना उनकी खुद की जिम्मेदारी थी. अब इसके लिए पंजाब सरकार या आप को दोष देना पूरी तरह गलत है.'

आम आदमी पार्टी ने दावा किया है कि उसे चुनाव आयोग के सूत्रों से जानकारी मिली है कि राघव चड्ढा दिल्ली के राजेंद्र नगर से बैकडेट प्रक्रिया के जरिए अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वाने की कोशिश कर रहे हैं. पार्टी ने कहा कि अगर ऐसा कोई भी गैर-कानूनी या बैकडेट काम किया गया है, तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और पूरा सच जनता के सामने आना चाहिए.

आप नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर बीजेपी या किसी ने भी इस तरह की बैकडेट एंट्री में मदद की है, तो पार्टी इस मामले को उसके अंजाम तक पहुंचाएगी और सच को सबके सामने लाकर रहेगी.

बता दें कि राघव चड्ढा साल 2022 में आम आदमी पार्टी के टिकट पर पंजाब से राज्यसभा सांसद चुने गए थे. हालांकि अप्रैल 2026 में वो BJP में शामिल हो गए.

यह भी पढ़ें: जल बोर्ड घोटाले पर सियासी जंग, AAP के आरोपों पर राघव चड्ढा ने दी सफाई

चुनाव आयोग के मुताबिक, ड्राफ्ट लिस्ट जारी होने के बाद दावों और आपत्तियां दर्ज की प्रक्रिया अभी जारी है. जिन लोगों के नाम मतदाता सूची से कटे हैं, उनके पास 12 सितंबर 2026 तक का समय है. इस समय सीमा के भीतर मतदाता फॉर्म 6 भरकर फिर से अपना नाम लिस्ट में शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं.

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