M450 ग्रेड कंक्रीट क्या है? मजबूती लोहे से भी ज्यादा होती है
M450 ग्रेड कंक्रीट क्या है? मजबूती लोहे से भी ज्यादा होती है

घर बनाते समय हम सबसे पहली चीज जो देखते हैं, वो है मजबूती. क्योंकि, घर जितना ज्यादा मजबूत बनेगा, उतना ज्यादा टिकेगा. मकान की मजबूती उसे बनाने में इस्तेमाल होने वाले बिल्डिंग मटेरियल पर निर्भर करती है. इसमें भी खासकर कंक्रीट पर - हम किस ग्रेड का मसाला इस्तेमाल करते हैं. इसलिए सावधानीपूर्वक हम घर के अलग- अलग हिस्सों के निर्माण के लिए सीमेंट, रेत, बजरी और इन्हें मिलाकर मसाला तैयार करने के लिए तय अनुपात का निर्धारण करते हैं.
जब रहने के लिए नॉर्मल एक घर बनाने में हम इतने ज्यादा सतर्क रहते हैं. मोर्टार यानी मसाले को लेकर कोई लापरवाही नहीं करते तो बड़े- बड़े स्ट्रक्चर जैसे - पुल, फ्लाईओवर, ओवरब्रिज, बांध, डैम, बड़ी- बड़ी गगनचुंबी इमारत, इंडस्ट्रियल कंस्ट्रक्शन, मेट्रो स्टेशन और वैसे प्लेटफॉर्म जहां भारी से भारी सामान उतरता और लोड होता है, ऐसे हैवी इन्फ्रास्ट्रक्चर को निर्माण में मजबूती का हद से ज्यादा ध्यान रखा जाता है.
इसे बड़े- बड़े स्ट्रक्चर बनाने के लिए साधारण सीमेंट या कंक्रीट का इस्तेमाल नहीं होता है. इसके लिए ऐसे खास कंक्रीट तैयार किए जाते हैं, जो लोहे से भी ज्यादा मजबूत हो. ऐसा ही एक मजबूत कंक्रीट है - M450 या M45 ग्रेड कंक्रीट. सोचिए, अगर इस कंक्रीट से घर बना लिया जाए तो मकान कितना मजबूत होगा. चलिए जानते हैं ये M450 या M45 ग्रेड कंक्रीट होता क्या है और कैसे बनता है?
M450 ग्रेड कंक्रीट है क्या M450 ग्रेड कंक्रीट एक हाई स्ट्रेंथ और हाई परफर्मेंस वाला कंक्रीट है. इससकी कंप्रेसिव स्ट्रेंथ 28 दिनों की तराई के बाद 45 न्यूटन प्रति मिलीमीटर स्क्वायर हो जाती है. यहां 'M' का मतलब मिक्स (Mix) और '450' का मतलब इसकी ताकत से है. इसलिए इस कंक्रीट को M450 ग्रेड नाम दिया गया.
M450 ग्रेड कंक्रीट डिजाइन मिक्स प्रोसेस से बनता है. M450 जैसे हाई ग्रेड के लिए कोई फिक्स नॉमिनल रेशियो नहीं होता है. इसे लैब में आईएस कोड के हिसाब से मटेरियल की क्वालिटी जांच कर 'डिजाइन मिक्स' किया जाता है.
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इसमें सीमेंट आमतौर पर OPC 53 ग्रेड, फाइन एग्रीगेट रेत, कोर्स एग्रीगेट गिट्टी या बजरी, पानी और कंक्रीट की क्वालिटी को सुधारने के लिए एडमिक्चर्स का सही मात्रा में इस्तेमाल किया जाता है. इसमें पानी और सीमेंट का अनुपात बहुत कम और नियंत्रित रखा जाता है ताकि कंक्रीट में मजबूती अधिक मिले और एयर-वोइड्स (खराबी) कम से कम हों.
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इस कंक्रीट का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे के निर्माण जैसे लंबे स्पैन वाले पुल, फ्लाईओवर और बांध बनाने में होता है. इसके अलावा हाई राइज बिल्डिंग बहुमंजिला टावरों के मेन पिलर और लोड-बेयरिंग दीवारों में जहां बहुत ज्यादा वजन सहने की क्षमता चाहिए. उसे बनाने में इस कंक्रीट का इस्तेमाल किया जाता है.
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