संघ करीबी, मोदी सरकार के 'संकटमोचक'... नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी का सफर

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संघ करीबी, मोदी सरकार के 'संकटमोचक'... नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी का सफर

26 जुलाई 2026 को 01:42 pm बजे
संघ करीबी, मोदी सरकार के 'संकटमोचक'... नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी का सफर
संघ करीबी, मोदी सरकार के 'संकटमोचक'... नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी का सफर
शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी
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शिक्षा मंत्री के रूप में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी को यह मंत्रालय सौंप दिया गया है. प्रह्लाद जोशी बीजेपी के वरिष्ठ नेता हैं और लंबे समय से सक्रिय राजनीति में हैं. कई मौकों पर वह पार्टी के लिए संकटमोचक की भूमिका भी निभा चुके हैं.

प्रह्लाद जोशी का जन्म 27 नवंबर 1962 को कर्नाटक के विजयपुर में हुआ था. वह एक साधारण परिवार से आते हैं. उनके पिता स्वर्गीय वेंकटेश जोशी भारतीय रेलवे में कर्मचारी थे, जबकि उनकी मां का नाम मालतीबाई था. शुरुआती जीवन से ही प्रह्लाद जोशी की सामाजिक कार्यों में खास रुचि थी. आगे चलकर उन्होंने सामाजिक गतिविधियों के साथ-साथ एक छोटा उद्योग भी स्थापित किया और फिर सक्रिय राजनीति में कदम रखा.

अगर उनकी पढ़ाई की बात करें तो उन्होंने शुरुआती शिक्षा रेलवे स्कूल से हासिल की. इसके बाद हुबली के न्यू इंग्लिश स्कूल से स्कूली शिक्षा पूरी की. फिर धारवाड़ के संबद्ध के.एस. आर्ट्स कॉलेज से उच्च शिक्षा प्राप्त की और हुबली से बैचलर ऑफ आर्ट्स (बीए) की डिग्री हासिल की.

प्रह्लाद जोशी का राजनीतिक सफर भी संघर्षों से भरा रहा. उन्हें शुरुआत में कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं मिली. उन्होंने कर्नाटक में स्थानीय स्तर से अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की. 1990 के दशक की शुरुआत में हुबली के ईदगाह मैदान पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के आंदोलन में भाग लेने के कारण वह पहली बार सुर्खियों में आए. इसके बाद भी वह कई छोटे-बड़े आंदोलनों और विरोध प्रदर्शनों के जरिए अपनी राजनीतिक पहचान मजबूत करते रहे.

साल 2004 प्रह्लाद जोशी के राजनीतिक करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ. इसी साल वह पहली बार धारवाड़ लोकसभा सीट से सांसद चुने गए. इसके बाद 2009, 2014, 2019 और 2024 में भी लगातार इसी सीट से जीत दर्ज करते रहे.

उनके राजनीतिक करियर की एक बड़ी उपलब्धि यह भी रही कि वह 2012 से 2016 तक बीजेपी के कर्नाटक प्रदेश अध्यक्ष रहे. इसी दौरान कर्नाटक में बीजेपी के संगठन का तेजी से विस्तार हुआ. पिछले कुछ वर्षों में प्रह्लाद जोशी केंद्र की राजनीति में भी एक बड़ा नाम बन चुके हैं.

संसद में उन्हें दो दशक से अधिक का अनुभव है. 30 मई 2019 को वह पहली बार केंद्र सरकार में मंत्री बने. उस समय उन्हें संसदीय कार्य, कोयला और खान मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. इसके अलावा भी वह कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों का कार्यभार संभाल चुके हैं. अब देश की शिक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी भी उनके कंधों पर आ गई है.

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Prahlad Joshi, Dharmendra Pradhan
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