बिजली मीटर पर 5(30)A, 10(60)A क्यों लिखा होता है?

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बिजली मीटर पर 5(30)A, 10(60)A क्यों लिखा होता है?

06 सितंबर 2026 को 05:41 pm बजे
बिजली मीटर पर 5(30)A, 10(60)A क्यों लिखा होता है?

घर में लगा बिजली का मीटर रोज हमारी नजरों के सामने रहता है. मीटर पर बिजली की खपत, वोल्टेज और दूसरी जानकारियां दिखाई देती हैं. लेकिन इसके ऊपर लिखी एक चीज ऐसी है, जिसे ज्यादातर लोग नजरअंदाज कर देते हैं- 5(30)ए, 10(60)ए या इसी तरह की करंट रेटिंग.

आखिर इन नंबरों का मतलब क्या होता है? क्या 5(30)ए वाले मीटर में आप सिर्फ 5 एंपियर तक बिजली इस्तेमाल कर सकते हैं? या 30 एंपियर तक? जवाब थोड़ा अलग है.

अगर किसी मीटर पर 5(30)ए लिखा है, तो बाहर का 5 एंपियर उसका बेसिक करंट है, जबकि ब्रैकेट में लिखा 30 एंपियर उसका मैक्सिमम करंट है.

यानी यह मीटर 5 एंपियर को अपने बेसिक या रेफरेंस करंट के रूप में इस्तेमाल करता है और इसकी निर्धारित अधिकतम करंट रेटिंग 30 एंपियर है. भारतीय मानक आईएस 13779 में मीटर की करंट मार्किंग में बेसिक करंट और रेटेड मैक्सिमम करंट का इस्तेमाल किया जाता है. इसी तरह 10(60)ए का मतलब है कि 10 एंपियर बेसिक करंट है और 60 एंपियर रेटेड मैक्सिमम करंट.

भारत सरकार के स्मार्ट मीटर के तकनीकी विनिर्देशों में भी सिंगल-फेज मीटर के लिए 5-30ए और 10-60ए जैसी करंट रेटिंग दी गई हैं.

क्या इसका मतलब 5 एंपियर से ज्यादा बिजली नहीं चला सकते?

अगर मीटर पर 5(30)ए लिखा है, तो इसका यह मतलब नहीं कि घर में 5 एंपियर से ज्यादा करंट जाते ही मीटर बंद हो जाएगा. 5 एंपियर मीटर का बेसिक करंट है, जबकि 30 एंपियर उसकी निर्धारित अधिकतम करंट रेटिंग है.इसी तरह 10(60)ए वाले मीटर में 10 एंपियर बेसिक करंट है और 60 एंपियर अधिकतम करंट रेटिंग.

यानी ब्रैकेट में दिया गया नंबर मीटर की अधिकतम करंट रेटिंग को दर्शाता है.

मीटर पर 10(60)ए लिखा होने का मतलब यह नहीं कि वह हर समय 60 एंपियर बिजली खींच रहा है. मीटर सिर्फ उतना ही करंट रिकॉर्ड करता है जितना आपके घर के उपकरण वास्तव में इस्तेमाल कर रहे हैं.पंखा, फ्रिज, टीवी, एसी, गीजर या मोटर जैसे उपकरण चालू होने पर कुल लोड के हिसाब से करंट बदलता रहता है.

सिर्फ समझने के लिए अगर 230 वोल्ट को आधार मानें, तो 5 एंपियर × 230 वोल्ट करीब 1.15 किलोवाट और 30 एंपियर × 230 वोल्ट करीब 6.9 किलोवाट होता है.

इसी तरह 10 एंपियर × 230 वोल्ट करीब 2.3 किलोवाट और 60 एंपियर × 230 वोल्ट करीब 13.8 किलोवाट होता है.

लेकिन यहां एक बेहद जरूरी बात है- इन आंकड़ों को अपने घर के स्वीकृत बिजली लोड की सीमा न समझें. आपका वास्तविक स्वीकृत या कनेक्टेड लोड बिजली वितरण कंपनी द्वारा तय होता है और वह मीटर की रेटिंग से अलग चीज है.

मीटर को अलग-अलग लोड की स्थिति में सही तरीके से बिजली की खपत मापनी होती है. इसलिए बेसिक करंट और अधिकतम रेटेड करंट दोनों को उसकी तकनीकी जानकारी में बताया जाता है.

आईएस 13779 में पूरे करंट वाले मीटर के लिए बेसिक करंट और रेटेड मैक्सिमम करंट को मार्किंग का हिस्सा बताया गया है.

भारत में बिजली वितरण कंपनियों के तकनीकी विनिर्देशों में भी 5-30ए और 10-60A जैसे मीटर इस्तेमाल किए जाते हैं. उदाहरण के तौर पर पश्चिम बंगाल बिजली वितरण कंपनी के तकनीकी विनिर्देश में 10 एंपियर बेसिक करंट और 60 एंपियर अधिकतम करंट वाला मीटर दिया गया है.

5 एंपियर = बेसिक करंट, 30 एंपियर = अधिकतम रेटेड करंट

10 एंपियर = बेसिक करंट, 60 एंपियर = अधिकतम रेटेड करंट

सबसे जरूरी बात- यह आपके घर का स्वीकृत बिजली लोड नहीं है.

यानी मीटर पर लिखे इन नंबरों को देखकर यह मान लेना कि "मेरे घर में सिर्फ 5 एंपियर ही बिजली चल सकती है" गलत है. ये नंबर असल में मीटर की इलेक्ट्रिकल करंट रेटिंग को समझने के लिए दिए जाते हैं.

अगली बार बिजली का मीटर देखें तो उस पर लिखे 5(30)ए या 10(60)ए को सिर्फ कोई तकनीकी कोड न समझें. इन दो नंबरों में ही यह जानकारी छिपी होती है कि मीटर किस बेसिक करंट पर रेटेड है और उसकी अधिकतम रेटेड करंट कितनी है.

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